छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान

Shantanu Roy
27 Oct 2025 8:44 PM IST
छत्तीसगढ़ में शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान
x
छग
Raipur. रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की घोषणा कर दी है। इस प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ भी शामिल है, जहां आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दृष्टि से मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। आयोग के निर्देशानुसार SIR अभियान 28 अक्टूबर से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।
छत्तीसगढ़ में इस कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) यशवंत कुमार 28 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे रायपुर के शास्त्री चौक स्थित पुराने मंत्रालय परिसर में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। इस दौरान राज्य में SIR अभियान की रूपरेखा, शेड्यूल, पात्रता मापदंड और प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारी साझा की जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि SIR प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एक साथ लागू की जाएगी। इनमें छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुड्डुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि SIR अभियान के तहत 103 दिनों तक मतदाता सूची की व्यापक जांच, अपडेट और सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, मृत व्यक्तियों या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, साथ ही पहले से दर्ज किसी भी त्रुटि को सुधारा जाएगा। ज्ञानेश कुमार ने बताया कि 27 अक्टूबर की रात से इन सभी 12 राज्यों की वोटर लिस्ट “फ्रीज” कर दी जाएगी, ताकि 28 अक्टूबर से शुरू होने वाली प्रक्रिया में अद्यतन जानकारी दर्ज की जा सके।
छत्तीसगढ़ में तैयारियां शुरू
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने सभी जिलों को SIR अभियान की तैयारी के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी और बीएलओ (BLO) को मतदाता सूची का डोर-टू-डोर सत्यापन करने का कार्य सौंपा गया है। साथ ही, युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित करने विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत निर्वाचन आयोग के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि, “छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक मतदाताओं को मतदान का अधिकार सुनिश्चित होगा। यह लोकतंत्र को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
Next Story